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वैसे तो जन्म को या तो संयोग माना जाता है या ऐसा योग, जिसकी डोर ऊपर  वाले के हाथों में होती है। इसे लेकर अक्सर लोग इस तरह के दार्शनिक विचार देते भी दिख जाते हैं कि जन्म कब हुआ, कहां हुआ, यह महत्वपूर्ण नहीं है, अहम बात यह है कि जन्म कब हुआ, कहां हुआ, यह महत्वपूर्ण नहीं है, अहम बात यह है कि जन्म लेने के बाद आपने क्या किया ? लेकिन आधुनिक समाजांे में जन्म का एक तथ्य यह है कि कैलेंडर में इसका विवरण हर जगह समान नहीं है। अगर आप फेसबुक पर हैं, तो शायद आपने ध्यान दिया होगा कि आपके बहुत सारे मित्रों का जन्म 1 जनवरी को हुआ है। किसी भी दूसरी तारीख से ज्यादा। भारत में ऐसी ही एक तारीख 1 जुलाई भी है, खासकर एक-दो पीढ़ी पहले के लोगों के मामले में । पहले बात 1 जुलाई की ही करते हैं। भारत के स्कूलों में प्रवेश आमतौर पर जुलाई में ही होते हैं। प्रवेश की योग्यता में यह होता है कि बच्चे को 1 जुलाई तक इतने वर्ष का हो जाना चाहिए। कहा जाता है कि पहले जब जन्म प्रमाण पत्र का व्यापक चलन नहीं था, तब योग्यता पूरी करने के लिए 1 जुलाई के आसपास की कोई तारीख लिखवा दी जाती थी। जो तारीख एक बार स्कूल में चल गई, वह सरकारी तौर पर आपकी जन्मतिथि बन गई। लेकिन 1 जनवरी के बारे में माना जाता है कि बहुत से लोग इस तारीख को जान-बुझकर सीजेरियन प्रशव कराते हैं, ताकि बच्चे को जिंदगी भर एहसास रहे कि उसके जन्मदिन के जश्न में पूरी दुनिया ही शामिल है। लेकिन क्या पूरी दुनिया में ऐसा ही होता है ? ब्रिटेन में इसे लेकर एक अध्ययन हुआ, तो पता लगा कि वहां सबसे कम जन्मदिन 25 दिसंबर को मनाए जाते हैं। यह सिर्फ जन्मदिन मनाने को मामला नहीं है, यह भी पता चला कि अस्पतालों में सबसे कम जन्म इसी तारीख को होते हैं। क्रिसमस वहां सबसे बड़ा त्यौहार है। पूरे देश में इस दिन जश्न मनाए जाते हैं और लोग नहीं चाहते कि इस दिन उन्हें अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़े, या बच्चा हो जाए तो बाद में हमेशा क्रिसमस छोड़कर उसका जन्मदिन मनाना पड़े। बात सिर्फ इतनी ही नहीं है। यह उस देश की सबसे बड़ी छुट्टी भी है। इस दिन अस्पतालों में अत्यावश्यक सेवाओं के अलावा अन्य सभी डाॅक्टर, नर्स वगैरह छुट्टी पर होते हैं और आज का चिकित्साशास्त्र तो प्राकृतिक प्रसव, या प्रसव पीड़ा को भी एक दो दिन टालने की क्षमता रखता है, लोग इसका भी फायदा उठाते हैं। वैसे वहां एक और तारीख है, जब लोग बच्चे नहीं पैदा करना चाहते। वह तारीख है 1 अप्रैल कारण आप समझ ही सकते हैं। वैसे यह भी कहा जाता है कि बच्चा एक खास राशि में जन्में, इसके लिए भी कई बार सीरेजियन प्रसव कराए जाते हैं। ऐसा अपने देश में भी होता है।